सुस्वागतम्

समवेत स्वर पर पधारने हेतु आपका तह-ए-दिल से आभार। आपकी उपस्थिति हमारा उत्साहवर्धन करती है, कृपया अपनी बहुमूल्य टिप्पणी अवश्य दर्ज़ करें। -- नीलम शर्मा 'अंशु

13 अप्रैल 2010

शुभो बैसाखी तथा पौयला बोईशाख !


आप सभी को शुभ बैसाखी तथा शुभो नवो वर्षो !


इसके साथ ही बैसाखी के दिन 1699 में अमृतसर के जलियांवाला बाग में शहीद हुए असंख्य निर्दोष हिंदुस्तानियों की स्मृति में श्रद्धा सुमन......

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें